भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद वीडी शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ पर पलटवार किया है। शर्मा ने कहा कि जब कोविड-19 को लेकर 12 फरवरी को ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बता दिया था तो आप (कमलनाथ) डेढ़ माह तक बतौर मुख्यमंत्री क्या करते रहे। हाथ पर हाथ धरे बैठे ही तो थे। एेसा लगता है कि पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को याददाश्त का संकट खड़ा हो गया है। शायद वे इसीलिए कोरोना को लेकर उटपटांग बयानबाजी कर रहे हैं। राजनीतिक प्रतिशोध में वे यह भी भूल गए कि इस समय समूची मानवता संकट में है, इसलिए उन्हें सरकार के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ा होना चाहिए, लेकिन वे सत्ता से उतरने के बाद खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे की भूमिका निभा रहे हैं।
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भाजपा पर जमकर हमला बोला था। नाथ ने रविवार को दिल्ली में लाइव पत्रकारवार्ता कर शिवराज सरकार निशाना साधते हुए कहा कि कोरोना संकट से निपटने अगर समय रहते ही प्रदेश में लॉकडाउन कर दिया जाता तो ये हालात नहीं बनते। 8-9 मार्च से प्रदेश के सभी विधायक प्रदेश से बाहर बैठे थे, लेकिन तब मैंने 12 मार्च को ही प्रदेश में स्कूल-कॉलेज बंद करा दिए। बावजूद इसके केंद्र सरकार की तरफ से इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसकी वजह दिल्ली में बैठे भाजपा के बड़े नेता प्रदेश की सरकार को गिराने का इंतजार कर रहे थे। मेरी सरकार ने जब 16 मार्च को कोरोना महामारी की वजह से विधानसभा स्थगित करने की मांग तो भाजपा ने उसका मजाक उड़ाया। मप्र में शिवराज सिंह चौहान की जैसे ही सरकार बनी, उसके एक दिन बाद ही प्रदेश में लॉकडाउन कर दिया गया।
नाथ ने केंद्र की भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी ने 12 फरवरी को ही आगाह किया था कि कोरोना संकट आने वाला है, लेकिन उस समय केंद्र के भाजपा नेता मप्र की सियासत में लगे थे। केंद्र सरकार इंतजार कर रही थी कि कब नया मुख्यमंत्री शपथ ले। पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश में जल्द ही मंत्रिमंडल गठन करने का राज्यपाल को आदेश देने की जो अपील की है, वह सही है। प्रदेश में वर्तमान में सिर्फ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं। कोई मंत्रिमंडल नहीं है, जबकि संविधान की धारा 163 में स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री ही मंत्रिमंडल का मुखिया होगा, लेकिन मिनिस्टर्स ऑफ काउंसिल राज्यपाल के प्रति उत्तरदायी होगी।